कोलकाता में पहली बार ऐतिहासिक पाट रानी ट्राम का हुआ उदघाटन

कभी गोल्‍डेन फाइबर के नाम से कोलकाता की पहचान हुआ करती थी। लेकिन समय के साथ इसका महत्‍व कम होता गया। पाट या पटसन के मिलों की स्थिति खराब होती गयी। इसी गोल्‍डेन फाइबर को पुनर्जीवित करने के लिए रक्षक फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल ट्राम कारपोरेशन ने संयुक्‍त पहल करके पाट रानी ट्राम को कोलकाता के लोगों के लिए समर्पित किया है।

| Ira Halder

गंभीर समाचार 17 Nov 2020

कोलकाता। कभी गोल्‍डेन फाइबर के नाम से कोलकाता की पहचान हुआ करती थी। लेकिन समय के साथ इसका महत्‍व कम होता गया। पाट या पटसन के मिलों की स्थिति खराब होती गयी। इसी गोल्‍डेन फाइबर को पुनर्जीवित करने के लिए रक्षक फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल ट्राम कारपोरेशन ने संयुक्‍त पहल करके पाट रानी ट्राम को कोलकाता के लोगों के लिए समर्पित किया है। इस ट्राम की खासियत यह है कि इसमें कोलकाता के जेलों में रहने वाले कैदियों के हाथों से बनाए जूट के सामानों को बेचने के लिए रखा गया है। इसके लिए रक्षक फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्‍टी चैताली दास का पूरा योगदान है। वह लगातार वैश्चिक स्‍तर पर जूट को प्रमोट करने के लिए अभियान चला रही है। रक्षक फाउंडेशन के माध्‍यम से वह इस कार्य को कर रही हैं। इस अवसर पर ट्राम कारपोरेशन के के प्रबंध निदेशक आइएएस राजनवीर सिंह ने कहा कि यह भारत का पहला ट्राम है जो जूट से तैयार सामानों को आम लोगों के लिए पेश कर रहा है। एक तरह से यह कोलकाता की ऐतिहासिक विरासत को बचाने की कोशिश है। यहां आने वाले लोगों के लिए यह एक रोमांचक अनुभव हो सकता है। खासकर वीकेंड में वह अपने परिवार के साथ इस पाट रानी ट्राम की सवारी का आनंद उठा सकते हैं। 

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