देश भर के मुख्यमंत्रियों का एक ही संदेश, कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी

अरविंद केजरीवाल, विजय रुपाणी और शिवराज सिंह चौहान समेत आजतक के ई-एजेंडा में शामिल हुए सभी मुख्यमंत्रियों ने एक ही संदेश दिया कि अब कोरोना के साथ जीने की हमें आदत डालनी होगी, क्योंकि कोरोना संक्रमण से बचने का फिलहाल कोई इलाज नहीं तलाशा जा सका ह.

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गंभीर समचार 04 May 2020

कोरोना संक्रमण से निपटने से लिए लगाए गए लॉकडाउन का तीसरा फेज शुरू हो गया है. इसके साथ केंद्र की गाइडलाइन पर कई राज्यों ने अपने-अपने यहां जोन स्तर पर शर्तों के साथ छूट दी है. अरविंद केजरीवाल, विजय रुपाणी और शिवराज सिंह चौहान समेत आजतक के ई-एजेंडा में शामिल हुए सभी मुख्यमंत्रियों ने एक ही संदेश दिया कि अब हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी, क्योंकि कोरोना संक्रमण से बचने का फिलहाल कोई इलाज नहीं तलाशा जा सका है और सोशल डिस्टेंसिंग से ही इसे मात दी जा सकती है.

हालांकि, कोरोना के चलते लोगों की जिंदगी जीने का तरीका बदल गया है और अब एक दूसरे से सीधे तौर पर मिलने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा ले रहे हैं. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ई-एजेंडा में कहा था, 'मैं 25000 लोगों से मिलता था लेकिन अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करता हूं. वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग मैंटेन रहे इसके लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए.

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