क्या धोनी का खेल खत्म?

बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) ने अपनी नई सेंट्रल कांट्रैक्ट लिस्ट जारी कर दी है. इसमें कोई विशेष रद्दोबदल नहीं किया गया है. सूची में खिलाड़ियों के नाम और उनके ग्रेड भी लगभग वही हैं.

| एन बंसल

गंभीर समचार 04 May 2020

बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) ने अपनी नई सेंट्रल कांट्रैक्ट लिस्ट जारी कर दी है. इसमें कोई विशेष रद्दोबदल नहीं किया गया है. सूची में खिलाड़ियों के नाम और उनके ग्रेड भी लगभग वही हैं. इसके बावजूद यह सूची क्रिकेट प्रेमियों में चर्चा का विषय बनी हुई है. कारण इस सूची से टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का नाम शामिल नहीं होना है. इससे अब धोनी के क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की कयास तेज हो गए हैं. हालांकि बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि सूची से धोनी के बाहर होने को उनके संन्यास से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. वह गत छह माह से क्रिकेट के मैदान से दूर हैं और नियमों के अनुसार उनके कांट्रैक्ट का नवीकरण नहीं किया गया है. बोर्ड का तो यहां तक कहना है कि सूची को अंतिम रूप देने से पूर्व धोनी को इसके बारे में सूचित किया गया था. गौरतलब है कि कैप्टन कूल के नाम से मशहूर रहे एमएस धोनी ने गत वर्ष आयोजित आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में अंतिम मैच खेला था. उसमें वर्ल्ड कप की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली टीम इंडिया को न्यूजीलैण्ड के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से ही धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बनाए हुए हैं.

हरभजन जैसे पूर्व खिलाड़ियों की माने तो धोनी ने पहले ही फैसला कर लिया था कि वह विश्व कप-2019 तक ही खेलेंगे. हालांकि क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कहने की औपचारिक घोषणा उन्होंने अब तक नहीं की है. अलबत्ता क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप टेस्ट मैचों से संन्यास की घोषणा वह पहले ही कर चुके हैं. अब अनुबंध सूची से नाम गायब होने के बाद जब उनके संन्यास लेने की चर्चा ने जोर पकड़ा है तो यह खबर भी आई है कि उन्होंने अपने होम ग्राउंड रांची में झारखंड की रणजी टीम के साथ अभ्यास शुरू कर दिया है. वह आईपीएल की तैयारी कर रहे हैं. इसमें उनका जैसा प्रदर्शन रहेगा, वैसा ही वे फैसला लेंगे. बहरहाल, बीसीसीआई के तर्क और क्रिकेट प्रेमियों द्वारा लगाए जा रहे इन तमाम कयासों के बीच अगर धोनी बिना विदाई मैच खेले आकस्मिक तौर पर संन्यास लेते हैं, तो यह उनके जैसे बड़े खिलाड़ी के साथ अन्याय होगा. वह भी तब जब बीसीसीआई के मौजूदा बॉस सौरव गांगुली हैं.

नहीं भूलना चाहिए कि एक समय एमएस धोनी टीम इंडिया के कप्तान थे और उन्होंने दादा को उनके अंतिम टेस्ट मैच में टीम की कप्तानी संभालने का सम्मान देकर उन्हें क्रिकेट को पूरी इज्जत के साथ अलविदा कहने का अवसर दिया था. बीसीसीआई के जरिए हालिया जारी अनुबंध सूची अक्टूबर 2019 से लेकर सितंबर 2020 तक के लिए है. बीसीसीआई ने गत वर्ष के 29 खिलाड़ियों के मुकाबले इस बार 27 खिलाड़ियों के साथ अनुबंध किया है. धोनी के अलावा अंबाती रायुडू और दिनेश कार्तिक को भी इससे खारिज कर दिया गया है. इसमें कुल चार ग्रेड बनाए गए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि पुरुष क्रिकेट खिलाड़ियों को सालाना अनुबंध में जहां करोड़ों रुपये मिल रहे हैं, वहीं महिला खिलाड़ियों को महज लाखों में संतोष करना पड़ रहा है. अजीब बात यह है कि उनके सभी ग्रेड में मिलने वाल रकम को भी मिला दिया जाए तो भी ए ग्रेड के एक पुरुष खिलाड़ी की राशि से दो करोड़ रुपये कम है.

 

पुरुषों का अनुबंध

 ए प्लस ग्रेड (सात करोड़ रुपये वार्षिक) विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीम बुमराह
 ए ग्रेड (पांच करोड़ रुपये वार्षिक) आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्या रहाणे, लोकेश राहुल, शिखर धवन, मोहम्म शमी, ईशांत शर्मा, कुलदीप यादव और ऋषभ पंत.
 बी ग्रेड (तीन करोड़ रुपये वार्षिक) रिद्धिमान साहा, उमेश यादव, युजवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या, मयंक अग्रवाल.
 सी ग्रेड (एक करोड़ रुपये वार्षिक) केदार जाधव, नवदीप सैनी, दीपक चाहर, मनीष पांडे, हनुमा विहारी, शार्दुल ठाकुर, श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर

महिलाओं का अनुबंध

 ए ग्रेड (50 लाख रुपये वार्षिक) हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और पूनम यादव
 बी ग्रेड (30 लाख रुपये वार्षिक) मिताली राज, झूलन गोस्वामी, एकता बिष्ट, राधा यादव, शिखा पांडे, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिगेज, तानिया भाटिया
 सी ग्रेड (10 लाख रुपये वार्षिक) वेदा कृष्णामूर्ति, पूनम राउत, अनुजा पाटिल, मानसी जोशी, डी हेमलता, अरुंधति रेड्डी, राजेश्वरी गायकवाड, पूजा वस्त्रकार, हरलीन देओल, प्रिया पूनिया और शेफाली वर्मा