अवैध पुलिस चौकियां  

 ‘बड़े शहरों में छोटी-छोटी बातें अक्सर हो जाया करती है.’ यह फिल्मी डॉयलाग फिल्मी नगरी मुंबई में फिट बैठती है. यह ऐसा महानगर है कि इसके महानगर ही नहीं बल्कि उपनगरों में कई पुलिस चौकियां है जो अवैध है.

| तपन देसाई

गंभीर समचार 04 May 2020

 ‘बड़े शहरों में छोटी-छोटी बातें अक्सर हो जाया करती है.’ यह फिल्मी डॉयलाग फिल्मी नगरी मुंबई में फिट बैठती है. यह ऐसा महानगर है कि इसके महानगर ही नहीं बल्कि उपनगरों में कई पुलिस चौकियां है जो अवैध है. जी हां, यही इस महानगर की त्रासदि भी है. दरअसल, हुआ यह है कि महानगर और उपनगरों में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने का काम मुंबई महानगर पालिका और पुलिस प्रशासन दोनों का होता है. ऐसे में अपराधों को नियंत्रित करने के लिए वर्षों पहले पुलिस प्रशासन ने कई बीट चौकियों का निर्माण किया था. इन चौकियों का निर्माण स्थानीय बिजनेसमैन, संस्थानों द्वारा मुहैया कराई गई निधि से हुआ है. इनके निर्माण के लिए मनपा प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते ये अवैध करार दी गई हैं. इनमें से अधिकांश बीट चौकियों का निर्माण मनपा के भूखंडों पर हुआ है. पुलिस की इन अवैध बीट चौकियों का मुद्दा मुंबई हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. हालांकि कोर्ट ने इन बीट चौकियों की वैधता को लेकर करीब ढाई महीने का समय पुलिस और मनपा प्रशासन को दिया है. इसको देखते हुए तत्कालीन पुलिस आयुक्त संजय बर्वे ने सभी पुलिस स्टेशन के आला अधिकारियों को अपने-अपने पुलिस स्टेशन के मातहत आनेवाली अवैध बीट चौकियों को वैध कराने के लिए संबंधित प्रशासनिक मनपा वॉर्ड के सहायक मनपा आयुक्त को पत्र लिखने का आदेश दिया था. इसी के तहत अब पुलिस अधिकारी सहायक मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी पुलिस चौकी को वैध करने की गुहार लगा रहे हैं. अब मनपा अफसर पुलिस की दरकार पर कितना गौर करते हैं, यह तो आनेवाला समय ही बताएगा. एक आंकडे के मुताबिक करीब 189 बीट चौकियों की सूची पुलिस ने मनपा को सौंपी है. बता दें कि वर्ष 2007 में खार निवासी इंदुर चुगानी ने मुंबई हाईकोर्ट में पुलिस की अवैध बीट चौकियों को लेकर एक याचिका दायर की थी. फ्लोरा फाउंटेन, क्रॉफर्ड मार्वेट, गिरगांव चौपाटी, अगस्त क्रांति मैदान, जुहू बीच, ग्रांट रोड, मुंबई सेंट्रल, विलेपार्ले, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, विक्रोली, कांजुरमार्ग, माटुंगा, पवई, कांदिवली, मालवणी, मानखुर्द, गोवंडी, सांताक्रुज आदि इलाकों में बीट चौकियां अवैध रूप से बनाई गई हैं. पुलिस के लिहाज से सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस स्टेशन की दूरी पर स्थित संवेदनशील इलाकों में नजर बनाए रखने के लिए बीट चौकियों का निर्माण किया गया है. जबकि याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन चौकियों में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन और पानी का कनेक्शन भी है. 2007 से लंबित इस याचिका को लेकर हाल ही में मुंबई हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और मनपा प्रशासन को अवैध बीट चौकी का निपटारा करने हेतु 10 सप्ताह का समय दिया था. ऐसे में अब अपनी चौकियों की वैधता के लिए पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संबंधित वॉर्ड के सहायक मनपा आयुक्त को पत्र लिख रहे हैं. एक आंकड़े के मुताबिक करीब 189 बीट चौकियों की सूची मुंबई पुलिस ने मनपा को सौंपी है. मनपा इमारत व प्रस्ताव विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो मुंबई विकास नियंत्रण नियमावली में जो चौकियां वैध बैठेंगी, उन्हें प्रशासन वैध कर सकता है. जो नियमों में वैध नहीं बैठेंगी, उन पर बुलडोजर चलाया जा सकता है.

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