विश्व पुस्तक मेला में गंभीर समाचार के रचना विशेषांक का लोकार्पण

रपट , , शुक्रवार , 02-02-2018


Opening of critical issue of gambheer samachar in World Book Fair

गंभीर समाचार

7जनवरी, 2018 की गुनगुनी दोपहर, नई दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेले की चहल पहल. देसी-विदेशी प्रकाशकों की स्टॉलों में सजी एक से एक रचनाकारों की रचित पुस्तकें, पुस्तक प्रेमियों को बरबस ही अपनी ओर खींच रही थी. हॉल संख्या 12ए के किताबघर प्रकाशन के स्टॉल पर भारी संख्या में पुस्तक प्रेमियों की भीड़ जुटी थी और इसी भीड़ में 'गंभीर समाचार' के सुधी पाठकों का समूह भी शामिल था. दोपहर बाद देश के नामचीन लेखकों की मौजूदगी में 'गभीर समाचार' के रचना विशेषांक का लोकार्पण किया गया. इस मौके पर वरिष्ठ कवि लीलाधर मंडलोई, ओम निश्चल, श्रवण कुमार उर्मिलिया, गंभीर समाचार के प्रधान संपादक अजय कुमार मोहता, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, सुधांशु गुप्त, श्रीराजेश, राजेंद्र शर्मा तथा किताबघर प्रकाशन के स्वामी सत्यव्रत शर्मा सहित कई अन्य लोग मौजूद थे.

लीलाधर मंडलोई ने इस मौके पर कहा कि साहित्यिक पत्रिकाएं अपने नियमित समयावधि पर तो प्रकाशित होती रहती है औऱ साहित्यानुरागियों को समसामयिक रची जा रही रचनाएं मिल जाती है, लेकिन जब समाचार-विचार आधारित पत्रिकाएं साहित्य पर केंद्रित अंक का विशेष आयोजन करती हैं तो उनका संकलन अद्भूत होता है. इस कड़ी में गंभीर समाचार ने अपने 'रचना विशेषांक' में हिंदी के शीर्षस्थ रचनाकारों से लेकर नवोदित रचनाकारों को एक साथ प्रस्तुत किया है जिससे पीढ़ियों के बीच सोच और वैचारिकी को एक साथ समझने का बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराया गया है. साथ ही देश के वैसे शहरों की वर्तमान साहित्यिक गतिविधियों को भी रेखांकित किया है, जो लंबे समय से अपनी साहित्यिक गतिविधियों के कारण पूरे देश में साहित्य के केंद्र रहे हैं. 

डॉ ओम निश्चल ने कहा कि रचना विशेषांक का शीर्षक ही है 'अभिव्यक्ति का संकट'. जो वर्तमान समय-समाज का प्रतिबिंब परिलक्षित करता है, जिसमें साहित्यकार, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये हैं. इसके अलावा साहित्य की अन्य विधाओं मसलन- कथा-कहानी, काव्य, संस्मरण, शख्सियत, व्यंग्य इन सबको समाहित करने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि विशेषांक के आयोजन में संपादकीय टीम एवं चित्रकारों का भरपुर रचनात्मक सहयोग मिला है, जिससे पत्रिका को आकर्षक और अर्थवान बनाने में मदद मिली.

प्रधान संपादक अजय कुमार मोहता ने कहा कि गंभीर समाचार अपनी सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है और यह समाचार या फिर विश्लेषण के माध्यम से निष्पक्षता के साथ समसामयिक मुद्दों को पाठकों के सामने बेखौफ हो कर रखती रही है औऱ आगे भी अनवरत इसी तरह पाठकों के बौद्धिक खुराक को पूरा करने का प्रयास करती रहेगी. उल्लेखनीय है कि यह रचना विशेषांक विश्व पुस्तक मेले के कई प्रकाशकों के स्टॉल पर उपलब्ध था और सभी स्टॉलों पर पाठकों की रुचि इस रचना विशेषांक में देखी गयी.  


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