अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार इसरो, अमेरिका-रूस को मिलेगी कड़ी टक्‍कर

आज , kolkata, बृहस्पतिवार , 13-09-2018


isro to make history in space

अजय कुमार मोहता

अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार इसरो, अमेरिका-रूस को मिलेगी कड़ी टक्‍कर नई दिल्‍ली [ जागरण स्‍पेशल ]। अंतरिक्ष विज्ञान में लगातार नए आयाम गढ़ता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जल्‍द ही अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और ऊंची छंलाग लगाने वाला है। इसरो की यह पूर्ण रूप से व्यावसायिक उड़ान होगी। इसके साथ कोई भी भारतीय उपग्रह नहीं भेजा जाएगा। इसकी शुरुआत 16 सितंबर, 2018 को होगी, जब भारतीय राकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दो ब्रिटिश उपग्रहों के साथ उड़ान भरेगा। इस कामयाबी के साथ ही भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जिसके पास विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित करने या भेजने की अपनी तकनीक मौजूद है। क्‍या है ब्रिटिश उपग्रहों की खूबियां। आखिर ये उड़ान भारत के लिए कितनी बड़ी उपलब्धि होगी। अंतिरक्ष के वाणिज्यिक उपयोग में भारत की कितनी हिस्‍सेदारी है। आगे इसरो के लिए क्‍या चुनौतियां होंगी। इन तमाम अनछुए पहलुओं को उकेरती ये रिपोर्ट। (Source : Jagran.com) https://goo.gl/g1XT7z #BreakingNews #Gambheersamachar #JustIn #NewsUpdate #News #NewsAlert


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